मेरे श्याम-सांवरे !!!!

मेरे श्याम-सांवरे !!!!
अंतर क्या दोनों की चाह में बोलो...

Sunday, November 25, 2007

कुछ इस तरह... जिंदगी मिली मुझसे...


कुछ इस तरह...

जिंदगी मिली मुझसे...

जैसे मिला हो कोई....

अजनबी...अचानक.. यूं ही...

साथ निभाये दो पल का...

और दूर चला जाये....

कुछ इसी तरह....

जिंदगी मिली मुझसे....

कहा कुछ नहीं....उसने...

बस दो निगाहें..उसकी...

करती रही हजार सवाल...

खामोशी मेरी कहती रही...

बस इसी तरह ...

जिंदगी ने बात की मुझसे...

अभी वक्त है....

तलाश खत्म होने में....

पर फिर मिलूंगी...

कभी ना लौटने को...

और फ़िर इस तरह....

जिंदगी बिछड़ गयी मुझसे....